पूर्वी सिंहभूम, 09 सितंबर । महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) अस्पताल में हृदय रोगियों के लिए जल्द ही कैथ लैब की सुविधा शुरू होने जा रही है। राज्य सरकार से प्रशासनिक मंजूरी मिलने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर ली है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस परियोजना के लिए करीब 10 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई है।
एमजीएम अस्पताल के अधीक्षक डॉ बलराम झा ने बुधवार को बताया कि कैथ लैब को अस्पताल के छठे तल्ले पर स्थापित किया जाएगा। शुरुआती दौर में यहां 18 बेड की व्यवस्था की जाएगी। अस्पताल प्रबंधन का लक्ष्य गंभीर हृदय रोगियों को जमशेदपुर में ही जांच और उपचार की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना है।
कैथ लैब शुरू होने के बाद मरीजों की कोरोनरी एंजियोग्राफी सहित हृदय की रक्त वाहिकाओं से जुड़ी आवश्यक जांच की जा सकेगी। जरूरत पड़ने पर इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी की प्रक्रियाओं के जरिए धमनियों में मौजूद ब्लॉकेज के उपचार की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
वर्तमान में एमजीएम अस्पताल में कैथ लैब नहीं होने के कारण गंभीर हृदय रोगियों को बेहतर उपचार के लिए रिम्स रांची या अन्य अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है। अस्पताल अधीक्षक के अनुसार प्रतिदिन औसतन दो से तीन हृदय रोगियों को बाहर रेफर किया जाता है।
नई सुविधा शुरू होने से ऐसे मरीजों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से हार्ट अटैक जैसी आपात स्थिति में मरीज को दूसरे शहर ले जाने की जरूरत कम होगी और अस्पताल में ही तत्काल आवश्यक जांच और उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इससे इलाज शुरू होने में लगने वाला समय भी कम किया जा सकेगा।
एमजीएम अस्पताल में फिलहाल हृदय रोग विभाग में एक स्थायी चिकित्सक कार्यरत हैं, जबकि आयुष्मान योजना के तहत दो अन्य चिकित्सक सेवाएं दे रहे हैं। कैथ लैब के संचालन के बाद अस्पताल की कार्डियक उपचार क्षमता में विस्तार होने की संभावना है। इससे कोल्हान क्षेत्र के मरीजों को सरकारी स्तर पर हृदय संबंधी उन्नत उपचार की सुविधा मिलने का रास्ता साफ होगा।