चंडीगढ़, 30 अक्टूबर । हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पदक कुछ क्षणों में खिलाड़ी के गले में डलता है, लेकिन उसे हासिल करने के लिए खिलाड़ी अपना जीवन लगा देता है। भिवानी की धरती पर आज गूंज रही तालियां सिर्फ पदकों के लिए नहीं, बल्कि उन अनगिनत वर्षों की तपस्या, त्याग और उस अटूट संकल्प के लिए भी हैं, जिसने भारत का तिरंगा एशिया के खेल मैदानों में ऊंचा किया है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शुक्रवार को भिवानी के भीम स्टेडियम में आयोजित एशियाई खेलों एवं पैरा एशियाई खेलों के पदक विजेता खिलाडिय़ों के संयुक्त सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने भिवानी के विकास को गति देने के लिए 142 करोड़ रुपये की लागत की 8 परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया गया है। इनमें 133 करोड़ 66 लाख रुपये की लागत के 6 उद्घाटन तथा 8 करोड़ 46 लाख रुपये की लागत के 2 शिलान्यास शामिल हैं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि आज इन सितारों के बीच आकर उनका मन गर्व से भर गया है। उन्होंने देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले सभी खिलाडिय़ों को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान केवल खिलाडिय़ों का ही नहीं, बल्कि उनके माता-पिता, गुरुजनों, प्रशिक्षकों और सहयोगी स्टाफ के त्याग एवं समर्पण का भी सम्मान है।
नायब सिंह सैनी ने कहा कि एशियाई खेलों में भारत ने 85 पदक जीतकर चौथा स्थान प्राप्त किया। इसमें हरियाणा के खिलाडिय़ों ने 32 पदकों का योगदान दिया, जिनमें 14 स्वर्ण पदक शामिल हैं। यानी भारत के हर तीन स्वर्ण पदकों में से दो हरियाणा के खिलाडिय़ों ने जीते। इसी प्रकार, पैरा एशियाई खेलों में भारत ने 114 पदक जीतकर अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। हरियाणा के पैरा खिलाडिय़ों ने 9 स्वर्ण सहित 31 पदक जीते, यानी देश के लगभग 30 प्रतिशत स्वर्ण पदक हमारे पैरा खिलाडिय़ों के नाम रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन खेलों में हरियाणा के अनेक सितारे चमके। मुक्केबाजी में अंकुश पंघाल और परवीन हुड्डा ने स्वर्ण पदक जीते। हमारी पुरुष और महिला हॉकी टीमों ने स्वर्ण पदक जीतकर लॉस एंजेलिस ओलंपिक 2028 का टिकट पक्का किया और इन टीमों की ताकत में हरियाणा के खिलाडिय़ों का बड़ा योगदान है। कुश्ती में भारत का यह प्रदर्शन वर्ष 1962 के बाद एशियाई खेलों में सबसे बेहतरीन रहा। पैरा खेलों में सुमित अंतिल और प्रणव सूरमा की सुनहरी जीत ने पूरे देश को रोमांचित कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भिवानी की धरती पर इस समारोह का विशेष महत्व है। ‘मिनी क्यूबा’ कहलाने वाले भिवानी ने भारतीय मुक्केबाजी को उसकी पहचान दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज 132 खिलाडिय़ों को कुल 189 करोड़ 38 लाख रुपये के नकद पुरस्कारों से सम्मानित किया जा रहा है। पात्र खिलाडिय़ों को हरियाणा की खेल नीति के अनुसार, सरकारी नौकरियों के ऑफर लेटर भी दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा उत्कृष्ट खिलाड़ी भर्ती नियमों के तहत अब तक 260 उत्कृष्ट खिलाडिय़ों को ग्रुप-ए, बी और सी की सरकारी नौकरियां दी गई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाडिय़ों के योगदान का सम्मान केवल पदक जीतने पर पुरस्कार देने तक सीमित नहीं है। आज के पुरस्कारों को मिलाकर अब तक प्रदेश के 17 हजार 676 खिलाडिय़ों को कुल 931 करोड़ रुपये की नकद पुरस्कार राशि दी जा चुकी है।
इसी प्रतिभा को समय रहते पहचानने और तराशने के लिए प्रदेश में 2 हजार खेल नर्सरियां स्थापित की गई हैं। इनमें 8 से 14 वर्ष के खिलाडिय़ों को 1 हजार 500 रुपये तथा 15 से 19 वर्ष के खिलाडिय़ों को 2 हजार रुपये मासिक छात्रवृत्ति देने का प्रावधान है। इसके अलावा, 25 आवासीय खेल अकादमियां खोली गई हैं, जहां खिलाडिय़ों को प्रतिदिन 500 रुपये की दर से डाइट मनी दी जा रही है।
