दिल्ली में हार, पंजाब में AAP की काली रात! मोदी के वार से गहरे जख्म: राजावड़िंग

दिल्ली में आम आदमी पार्टी (AAP) की हार के बाद पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने इस पर सख्त टिप्पणी की है। चंडीगढ़ में मीडिया के सामने बोलते हुए लुधियाना से सांसद राजा वड़िंग ने भविष्यवाणी की कि 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों में AAP की स्थिति और भी खराब होगी। उन्होंने कहा कि भले ही AAP ने दिल्ली में अपनी स्थिति को मजबूत किया हो, लेकिन पंजाब में पार्टी की दुर्दशा भयंकर होगी। उनके अनुसार, यदि AAP जुलाई 2027 में एकल अंकों में भी सीटें जीतने में सक्षम होती है, तो यह पार्टी के लिए एक अच्छा प्रदर्शन होगा। उन्होंने यह भी कहा कि AAP के द्वारा बार-बार पेश किए गए दिल्ली मॉडल, स्कूल और योजनाएँ विफल हो चुकी हैं और जनता ने इस पर अपनी असहमति व्यक्त की है।

राजा वड़िंग ने बीजेपी की संभावित एंट्री पर भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंजाब में जो किए हैं, उससे पंजाब के लोग बीजेपी को स्वीकार नहीं करेंगे। उनका मानना है कि पंजाब का माहौल और संस्कृति देश के अन्य हिस्सों से भिन्न है। इस तरह की राजनीतिक स्थिति में बीजेपी का पंजाब में प्रभाव डालना मुश्किल होगा। वड़िंग ने यह भी स्पष्ट किया कि पंजाब की राजनीतिक स्थिति ने पिछले कुछ समय में कई बदलाव देखे हैं, लेकिन यहाँ की जनता हमेशा अपने प्रतिरोध का परिचय देती है।

इसके साथ ही, पंजाब विधानसभा में विपक्षी नेता प्रताप सिंह बाजवा ने अरविंद केजरीवाल के मुख्यमंत्री बनने के संभावित दावों का समर्थन किया। उन्होंने एएपी के स्थानीय नेता अमन अरोड़ा के एक बयान का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी भी धार्मिक पहचान से परे, मुख्यमंत्री पद की योग्यता सरकार चलाने की क्षमता पर निर्भर करती है। बाजवा ने यह भी कहा कि लुधियाना में एक विधायक का निधन होने से विधानसभा में एक सीट खाली हो गई है, जो अंतर्विरोधों का कारण बन सकती है। हालांकि AAP ने इस संदर्भ में अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं की है।

कांग्रेस के सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भविष्यवाणी की है कि दिल्ली में AAP की हार के बाद पार्टी बिखर जाएगी। उन्होंने सुझाव दिया कि पंजाब को मध्यावधि चुनावों के लिए तैयार रहना चाहिए, क्योंकि AAP के कई विधायक अन्य पार्टियों में शामिल होने के लिए तत्पर हैं। उन्होंने शराब नीति संदर्भ में AAP द्वारा किए गए भ्रष्टाचार का भी उल्लेख किया, जो न केवल दिल्ली में बल्कि पंजाब में भी चिंता का विषय हो सकता है। इसके अलावा, धान खरीद में हुई MSP धोखाधड़ी के मामले में भी AAP का नाम शामिल है, जिससे पार्टी की छवि और गिरने की संभावना है।

इस प्रकार, पंजाब कांग्रेस के नेता और टीके चुनावी भविष्य को लेकर अपनी धारणाएँ साझा करते हुए, AAP के संभावित पतन की बातें कर रहे हैं। यह स्पष्ट है कि हम आने वाले समय में पंजाब की राजनीति में कई महत्वपूर्ण परिवर्तनों के गवाह बन सकते हैं।