श्रद्धालुओं का जत्था जालंधर से रवाना, कल पहुंचेगा गुरु रविदास धाम; संत निरंजन दास का नेतृत्व

हर साल की तरह इस वर्ष भी पंजाब के जालंधर से हजारों श्रद्धालु काशी जाने के लिए अपने घरों से निकले हैं। इनमें शामिल लोग बेगमपुरा एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन के माध्यम से वाराणसी स्थित श्री गुरु रविदास धाम की ओर प्रस्थान कर रहे हैं। यह ट्रेन दोपहर तीन बजे जालंधर सिटी रेलवे स्टेशन से रवाना हुई। श्रद्धालुओं को देखकर यह स्पष्ट हो गया है कि उनकी आस्था कितनी गहरी है। विशेष ट्रेन के लिए रेलवे ने जहां आवश्यक व्यवस्थाएं की हैं, वहीं श्रद्धालुओं में उत्साह भी देखनो को मिल रहा है।

बेगमपुरा एक्सप्रेस का संचालन संत निरंजन दास जी की अध्यक्षता में हो रहा है, जो इस यात्रा का नेतृत्व कर रहे हैं। इसके लिए बीएसएफ चौक से रेलवे स्टेशन तक एक भव्य शोभायात्रा भी निकाली गई थी, जो इस यात्रा की भव्यता को और बढ़ाती है। श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ अपनी यात्रा का आरंभ कर रहे हैं और वाराणसी पहुँचने की अग्रगति में हैं। उल्लेखनीय है कि यह ट्रेन 13 फरवरी को दोपहर तीन बजे जालंधर लौटेगी। इसके साथ ही ट्रेन निम्नलिखित रास्तों से होते हुए वाराणसी का सफर तय करेगी: जालंधर सिटी रेलवे स्टेशन, लुधियाना, अंबाला कैंट, सहारनपुर, मुरादाबाद, आलम नगर और लखनऊ।

श्री गुरु रविदास जी महाराज का प्रकाशोत्सव 12 फरवरी को मनाए जाने के कारण इस मौके की तैयारी जोर-शोर से की जा रही है। इससे पहले 11 फरवरी को एक भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें श्रद्धालु अपने हर्ष और उल्लास के साथ सम्मिलित होंगे। नकोदर रोड पर स्थित श्री गुरु रविदास धाम की सजावट विशेष रूप से भव्य की गई है जिससे वहां का वातावरण पवित्र और आध्यात्मिक बनता है।

इस उपलक्ष्य में कई मंत्रियों और राजनीतिक नेताओं के मौके पर पहुंचने की संभावना है। आज दिनभर विभिन्न दलों के नेता जैसे आम आदमी पार्टी की होशियारपुर सीट के सांसद राज कुमार चब्बेवाल, बीजेपी और कांग्रेस के कई नेता श्रद्धालुओं से मिलने एवं कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए आ रहे हैं। यह दर्शाता है कि इस धार्मिक अवसर का महत्व न केवल आम श्रद्धालुओं के लिए है, बल्कि राजनीतिक नेतृत्व भी इसके प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट कर रहा है।

इस प्रकार, जालंधर से वाराणसी की इस यात्रा में श्रद्धालुओं का उत्साह एवं कार्यक्रम की भव्यता मिलने से यह इस साल की एक महत्वपूर्ण धार्मिक घटना बन गई है। आने वाले दिनों में इसे लेकर और भी गतिविधियाँ देखने को मिलेगी, जिसमें सभी श्रद्धालु अपनी आस्था के साथ शामिल होंगे।