जयपुर, 24 मई । जयपुर। वर्ष का सबसे गर्म माना जाने वाला ‘नौतपा’ सोमवार 25 मई से शुरू होकर 2 जून तक प्रभावी रहेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं और मौसम विज्ञान के अनुसार इस दौरान पड़ने वाली भीषण गर्मी अच्छे और समय पर मानसून का संकेत मानी जाती है। ज्योतिषाचार्य बनवारी लाल शर्मा ने बताया कि 25 मई को सूर्यदेव वृषभ राशि में रहते हुए रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। सूर्य को अग्नि तत्व का कारक और रोहिणी के स्वामी चंद्रमा माने जाते हैं। इस दौरान सूर्य की सीधी किरणों से तापमान में तेज बढ़ोतरी होती है और उत्तर भारत सहित कई क्षेत्रों में लू का असर बढ़ जाता है।
मान्यता है कि नौतपा में जितनी अधिक गर्मी पड़ती है, उतना ही मजबूत लो-प्रेशर बनता है, जिससे समुद्र से मानसूनी हवाएं तेजी से आकर्षित होती हैं और अच्छी बारिश की संभावना बढ़ती है। इसी कारण नौतपा को मानसून का ‘गर्भकाल’ भी कहा जाता है। धार्मिक दृष्टि से नौतपा के दौरान सूर्यदेव की पूजा-अर्चना विशेष फलदायी मानी गई है। श्रद्धालुओं को आदित्यहृदय स्तोत्र का पाठ, तांबे के लोटे से सूर्य को अर्घ्य देने तथा जल, शरबत, सत्तू, मटका और पंखे आदि का दान करने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों ने लोगों को भीषण गर्मी से बचने, पर्याप्त पानी पीने, ताजा और सात्विक भोजन करने तथा धूप में निकलने से परहेज करने की सलाह दी है। वहीं परंपराओं के अनुसार इस अवधि में विवाह, गृह प्रवेश और नए व्यवसाय जैसे बड़े मांगलिक कार्यों को टालना शुभ माना जाता है।