महिला आरक्षण पर कांग्रेस का दोहरा चरित्र उजागर, महिलाओं के अधिकारों से किया विश्वासघात: प्रियंता शर्मा

मंडी, 20 अप्रैल । भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश सचिव प्रियंता शर्मा ने कहा कि मिहला आरक्षण को लेकर एक बार फिर कांग्रेस का महिला विरोधी चेहरा देश की जनता के सामने आ गया है। उन्होंने कहा कि वर्षों से कांग्रेस ने महिलाओं को बराबरी का अधिकार देने की बात तो की, लेकिन जब उसे लागू करने का अवसर आया, तब उसका वास्तविक चरित्र उजागर हो गया।

प्रियंता ने कहा कि केंद्र की सरकार देश की राजनीति में महिलाओं की 33 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और इसी उद्देश्य से महिला आरक्षण विधेयक लाया गया। लेकिन कांग्रेस ने इस ऐतिहासिक कदम का विरोध कर यह साबित कर दिया कि उसकी सोच आज भी सीमित और स्वार्थपूर्ण है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की राजनीति हमेशा परिवारवाद तक सीमित रही है, जहां केवल कुछ चुनिंदा परिवारों की महिलाओं को ही आगे बढ़ाने की मानसिकता रही है। आम महिलाओं को नेतृत्व में स्थान देने के प्रति कांग्रेस कभी गंभीर नहीं रही।

प्रियंता शर्मा ने प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के उस बयान की भी निंदा की, जिसमें उन्होंने इस विधेयक के पारित न होने पर प्रसन्नता व्यक्त की थी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के बयान यह स्पष्ट करते हैं कि कांग्रेस नेतृत्व महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर कितना संवेदनहीन है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी हमेशा महिलाओं के अधिकारों और सम्मान के लिए प्रतिबद्ध रही है और आगे भी देश की हर महिला को सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी। कांग्रेस ने हमेसा महिलाओ को हमेसा ठगने का ही काम किया है l